🚨 जंतर-मंतर पर लोको पायलटों का प्रदर्शन: AILRSA का बड़ा ऐलान, सरकार के खिलाफ बुलंद हुई आवाज
नई दिल्ली, 27 मार्च 2026:
देशभर के लोको पायलटों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह धरना ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें गाज़ियाबाद, दिल्ली मंडल सहित कई ज़ोन के लोको पायलट शामिल हुए।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य रेलवे के रनिंग स्टाफ के साथ हो रहे कथित भेदभाव को खत्म करना और उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार लाना है।
🔥 क्यों कर रहे हैं लोको पायलट आंदोलन?
लोको पायलटों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार, लंबी ड्यूटी और सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्हें उचित वेतन और सम्मान नहीं मिल रहा। AILRSA के अनुसार, यह आंदोलन कर्मचारियों के हक और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
📢 प्रमुख मांगें
✅ OPS लागू करो: NPS और UPS को हटाकर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
✅ यात्रा भत्ता बढ़े: TA में 25% की वृद्धि की जाए
✅ रिक्त पद भरें: 28,978 खाली पदों पर तुरंत भर्ती
✅ ड्यूटी घंटे कम करें:
कोचिंग: 6 घंटे
मालगाड़ी: 8 घंटे
✅ आराम का अधिकार:
16 घंटे का रेस्ट
30 घंटे का प्रशिक्षण अवकाश
✅ लोको में सुविधाएं: AC, टॉयलेट, टूल्स और FSD अनिवार्य
✅ महिला सुरक्षा: महिला लोको पायलटों के लिए विशेष व्यवस्था
✅ टैक्स छूट: 70% रनिंग अलाउंस टैक्स फ्री किया जाए
✅ प्राइवेटाइजेशन बंद करें
✅ EMU/DMU सिंगल मैन सिस्टम खत्म करें
⚠️ AILRSA का आरोप
संगठन का कहना है कि रेलवे प्रशासन रनिंग स्टाफ के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। लंबे समय से मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में नाराज़गी बढ़ रही है।
🚆 क्या पड़ेगा असर?
अगर सरकार जल्द फैसला नहीं लेती है, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है, जिससे रेलवे संचालन और यात्रियों पर असर पड़ने की संभावना है।
📝 निष्कर्ष
लोको पायलटों का यह प्रदर्शन सिर्फ मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रेलवे कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।

