कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी का वक्तव्य
12 सितंबर, 2024
सीताराम येचुरी जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूँ। हमने 2004-08 के दौरान मिलकर काम किया था और तब से जो दोस्ती स्थापित हुई थी, वह उनके अंतिम समय तक कायम रही।
हमारे देश के संविधान के मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता में कोई समझौता नहीं था, जो इसकी प्रस्तावना में बहुत ही सशक्त रूप से सन्निहित है। वे भारत की विविधता की रक्षा करने के अपने दृढ़ संकल्प में दृढ़ थे और धर्मनिरपेक्षता के एक शक्तिशाली समर्थक थे। बेशक, वे आजीवन कम्युनिस्ट थे, लेकिन उनका विश्वास लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित था। वास्तव में, संसद में उनका बारह साल का कार्यकाल यादगार रहा और उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी।
उन्होंने UPA-1 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हाल ही में 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले INDIA समूह के उदय में बहुत बड़ा योगदान दिया।
उसे निश्चित तौर पर याद किया जाएगा।

